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Saturday, 20 April 2013

बैंकों में ग्राहकों की पहचान के नियम और कठोर होंगे


 कोबरापोस्ट का असर बहुत जल्द ही सभी बैंक ग्राहकों को देखने को मिलेगा। बैंकों के लिए न सिर्फ केवाईसी [अपने ग्राहकों को जानें] नियमों को और कठोर बनाया जा रहा है, बल्कि पुराने ग्राहकों की पहचान नए सिरे से सत्यापित करने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। कुछ बैंकों ने अपने पुराने ग्राहकों से पहचान संबंधी प्रमाणपत्र दोबारा मांगना शुरू भी कर दिया है।
हाल ही में न्यूज पोर्टल कोबरापोस्ट की तरफ से देश के तीन दिग्गज निजी बैंकों में केवाईसी नियमों के उल्लंघन और मनी लांड्रिंग करने की खबर आने के बाद यह कदम उठाया गया है। रिजर्व बैंक की तरफ से पूरे प्रकरण की जांच की गई है। इस पर तैयार रिपोर्ट को लेकर गुरुवार को मुंबई में वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श हुआ है। इस बैठक में यह भी यह फैसला हुआ कि केवाईसी नियमों को लेकर और ज्यादा सतर्कता अपनाने की जरूरत है।
सूत्रों के मुताबिक आगामी वार्षिक मौद्रिक नीति में केवाईसी नियमों में बदलाव को लेकर कुछ महत्वपूर्ण एलान किए जाएंगे। यह आम राय बनी है कि बैंकों में केवाईसी नियमों का पालन हो रहा है या नहीें, इसकी जांच की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके लिए रिजर्व बैंक की तरफ से एक टीम गठित की जा सकती है। अभी जब कोई बाहरी एजेंसी सूचना देती है, तभी केवाईसी नियमों के पालन को लेकर बैंकों का रिकॉर्ड देखा जाता है। अब यह व्यवस्था की जाएगी कि एक निश्चित अंतराल पर सभी बैंकों में इसकी जांच होती रहे। कोबरापोस्ट में जो वीडियो फुटेज सामने आए हैं, उनमें निजी बैंक के अधिकारी खुलेआम एक पहचान पत्र पर कई बैंक खाता खोलने की बात करते पाये गए हैं।

रिजर्व बैंक की रिपोर्ट में स्वीकार किया गया है कि आइसीआइसीआइ, एचडीएफसी और एक्सिस बैंक के शाखा स्तर पर केवाइसी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई हैं। एक ही पहचान पत्र के आधार पर एक ही ब्रांच में कई बैंक खाते खोलने की बात भी सामने आई है। इससे चिंतित आरबीआइ ने सभी बैंकों को कहा है कि वे अपने पुराने ग्राहकों की पहचान नए सिरे से सत्यापित करें। निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक के अलावा कुछ सरकारी बैंकों ने यह प्रक्रिया शुरू भी कर दी है।


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